Tuesday, February 23, 2010

लानत है, मेरे जैसे पढ़े लिखे लोगों पर. जो विदेशी संस्कृति से इतने प्रभावित हैं की उस की चकाचोंध मैं अपने नैतिक मूल्यों, परम्पराओं, आदर्शों को ही नहीं बल्की उन शहीदों को भी भूल गए जिन के त्याग और बलिदान के कारण ही आज हम इस काबिल हैं की हमें एक आज़ाद देश में सांस लेने का अवसर प्राप्त हो रहा है. ये हमारा दुर्भाग्य नहीं तो और क्या है की आज हम सब को अच्छी तरह पता है की विदेशी संस्कृति के प्रतीक वेलंटाइन डे, रोज़ डे, हग दे और चोकलेट दे कब - कब होते हैं. बैसे अगर कोई भूल भी जय तो हमारा भोंपा शंकर इलेक्ट्रोनिक / प्रिंट मीडिया इन त्योहारों के ३६४ दिन पहले से याद दिलाना शरू कर देता है, स्कूल मैं पढ़ा सब ने होगा पर शायद यह बहुत कम लोगों को याद होगा की अमर शहीद भगत सिंह, सुख देव और राज गुरु का शहीद दिवस कुछ दिन बाद २३ मार्च को आने वाला है . इसी दिन सन १९३१ मैं बर्बर अंग्रेजों ने, खुद ही अपने बनाइ क़ानून से खिलवार करते हुए समय से पहले ही तीनो को फांसी पर चढ़ा कर अपनी कायरता का परिचय दिया था. ये सब याद रखने का आज कल फैशन नहीं है .

दुसरे को क्या दोष दूँ? खुद मेरे पास समय नहीं है की मैं इन शहीदों को याद करूँ. अभी मुझे अखवारों में देखना है किस नंगे बम्बैया को अमरीका में फिर नंगा किया गया? किस बम्बैया की प्रेमिका की चोली का हुक खुला? राहुल बाबा का अगला कृपा पात्र कोण दलित बने गा या सोनिया जी का मिजाज़ कैसा चल रहा है?

शायद आप के पास समय हो तो कृपा का के इन महान शहीदों की याद में अपने कम से कम १० मित्रों को SMS भेज कर इन शहीदों की याद दिला दिला कर अपनी श्रद्धांजली दे साथ ही उन से निवेदन करें की वे आप के SMS को आगे कम से कम १०-१० लोगों को भेज कर रास्त्र के लिए उन के द्वारा किये गए बलिदान के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करें. अगर SMS में पैसे ना खर्च करना चाहें तो भी कोई बात नहीं, http://www.way2sms.com/ पर लोग कर के मुफ्त SMS भेजें।


On 23.3.31 morning legendary BHAGAT SINGH, RAJGURU & SUKHDEV were hanged to deth. But today we dont rember their Names even. Pl Forward it to UR 10 Friends-- RegardsDikshit Ajay K

1 comment:

shobha said...

I am also A Hindu, but from your article I could know the new damnations of Hinduism. Thanks for opening my eyes.